The most beautiful form of God on earth "Mother" धरती पर भगवान का सबसे सुंदर रूप "माँ"
हमारे जीवन में माँ सबसे अलग होती है क्योंकि माँ की भूमीका सबसे अलग होती है। हमारे जीवन में लोग तो बहुत होते है लेकिन माँ की भूमिका हर कोई अदा नहीं कर सकता। माँ सबसे अनमोल होती है, माँ का पूरा दिन हमारी जरूरतों को पूरा करने में निकल जाता है जहां माँ अपनी किसी भी जरूरत पर ध्यान नहीं दे पाती। हम अपनी माँ से बहुत सारी जरूरतों की मांग करते है जिसके बदले हमारी माँ हमसे कोई भी मांग नहीं करती है वो हमें अपनी जान से भी ज्यादा प्यार करती है इतना की हमें दुनिया में और कोई नहीं कर सकता।
Mother is different in our life because mother's role is different. There are many people in our life but not everyone can play the role of mother. Mother is most precious, mother's whole day goes out in fulfilling our needs where mother is unable to pay attention to any of her needs. We demand many needs from our mother, in return of which our mother does not demand anything from us, she loves us more than her life so much that no one else in the world can do us.
माँ सुबह उठ कर हमारे लिए नाश्ता बनाती है और फिर हमें स्कूल छोड़कर घर के कामों में लग जाती है और जब तक हम स्कूल से वापस घर पहुचते है तब तक माँ घर के सारे काम निपटा कर हमारे लिए लंच तैयार रखती है फिर हमें खाना खिला कर हमारा होमवर्क करवाती है। पता नहीं हमें इस बिच वो खुद कुछ खाती है या नहीं खाती है लेकिन हमें जरूर खिलाती है। हमारी यूनिफार्म चमक नहीं जाती जब तक, तब तक उसे चमकाती है और खुद की चमक को तो भूल ही जाती है।
हर किसी के जीवन में माँ होती है जिनकी नहीं होती है उनको माँ शब्द की कीमत होती है। माँ की जगह हमारे दिल में कुछ ऐसी होती है जिसे कोई नहीं ले सकता है चाहे वो कितना भी अपना क्यों ना हो। जब हम पैदा होते है और बोलना शुरू करते है तो हमारा सबसे पहला बोल माँ ही होता है।
हम छोटे होते है, नाज़ुक होते है, कुछ करने लायक नहीं होते तो माँ ही होती है जो हमारा हर कार्य को खुद करती है और बिना किसी झिझक के करती है क्योंकि वो तो माँ होती है और माँ के अलावा हमारा पालन फोशन कोई नहीं कर सकता। वो हमें अपनी गोद में बड़ा करती है। माँ ही हमें इस काबिल इंसान बनाती है कि हम दुनिया में जब निकले तो हममें इतनी समझ हो की हम अकेले निकल सके। हम इस काबिल हो की हम अपना हर कार्य खुद कर सके।
माँ इश्वर की तरह हमारी परवरिश करती है। यदि इस धरती पर कोई भगवान को देखना को कहता है तो वह अपनी माँ को देखे क्योंकि माँ इस धरती पर भगवान का सबसे सुंदर रूप है। इस दुनिया माँ के प्यार को किसी भी वस्तु से तोला नहीं जा सकता यदि हमें लगता है कि हमारी माँ हमें किसी काम को करने से रोक रही है तो हमें ये नहीं समझना चाहिए की हमारी माँ हमें किसी काम को करने से रोक रही है बल्कि वह हमें अच्छे बुरे का फर्क करना सिखाती है।
Mother takes care of us like a god. If someone on this earth asks to see God, then he should look at his mother because mother is the most beautiful form of God on this earth. Mother's love in this world cannot be weighed by anything, if we feel that our mother is stopping us from doing any work, then we should not understand that our mother is stopping us from doing any work, but she It teaches us to differentiate between good and bad.
लेकिन हम उसे गलत समझते है कि वह हमें हमारी मन मर्जी करने से रोक रही है परन्तु हम ये नहीं जानते की हमारी माँ हमें कभी भी किसी भी मोड़ पर अकेला नहीं छोड़ेगी किसी भी मुसीबत को हम तक आने से पहले वो उस मुसीबत को खुद ही झेल लेगी।
अगर हमारी माँ हमें डाट भी देती है तो उसमें भी उसका प्यार झलकता है क्योंकि जब हम अपनी माँ से रूठ कर उससे बात नहीं करते तो हमारी माँ हमें मनाती है और माँ जब मनाती है लगता है जन्नत से कोई फरिश्ता आकर हमें मना रहा है। अगर हम खाना नहीं खाते है तो प्यार से खाना खाने को बोलती है और हम अगर फिर भी ना खाए तो फिर अपने हाथ से खिलाती है और अगर हम फिर भी न खाए तो फिर तो डंडा लेकर आती है और डरा कर खाना खिलाती है।
Even if our mother stops us, then her love is also reflected in her because when we do not talk to our mother angry with her, then our mother celebrates us and when the mother celebrates, it seems that some angel from heaven is coming and celebrating us. If we do not eat food, then we love to eat food and if we still do not eat, then feeds it with our hands and if we still do not eat, then she brings a stick and feeds her in fear.
मगर जब तक हम खाना न खाले तब तक उस माँ के कलेजे को ठंडक नही पड़ती। हमारे मुह में जब तक निवाला नहीं जाता तब तक हमारी माँ के गले से भी एक भी निवाला नहीं निकलता है। उसका हमें कहानी और लोरी गाकर सुनाकर सुलाना ऐसा पापा भी करते है, पापा भी कहानी सुनाते है लेकिन माँ की परियों की कहानी, रानी राजा की कहानी, और एक राजकुमार की कहानी जो सबसे अलग होती है जो माँ के अलावा कोई और नहीं सुना सकता।
Your own Dr. Manoj Bhai
Rathore
Director & Speaker
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