Mother is the first teacher माँ है , प्रथम गुरु.
जीवन की पहली गुरु की संज्ञा माँ को दी गई है। माँ एक ऐसी गुरु होती है जिनकी सिखाई गई सीख जीवन के हर मोड़ पर काम आती है। ऐसा कभी नही देखने को मिलेगा जब माँ ने कोई गलत दिशा दिखाई हो।
जीवन मे मैं चाहे कितनी भी सफलता हासिल कर लूं, लेकिन उसकी खुशी तक तक महसूस नही होती है जब तक माँ के चेहरे पर उस सफलता से खुशी न दिखे।
कई बार ऐसा भी होता है कि कुछ लोग पैसो की चकाचौंध में अपनी माँ को उचित सम्मान नही दे पाते लेकिन माँ को इसका कोई मलाल नही होता है। उनका बेटा जब भी माँ के पास आ जाए, माँ उसे गले ही लगाती है
इसीलिए कहते हैं न कि माँ से ज्यादा करुणा किसी मे नही है, माँ के जैसा दयालु इस संसार मे कोई और नही है।
Your own Dr. Manoj Bhai
Rathore
Director & Speaker
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