As a mother माँ के रूप
माँ को करुणा की मूर्ति कहा जाता है, यह किसी भी हालत में हमेशा सही ही होता है। माँ कभी भी अपने बच्चों को कष्ट में नही देख सकती है। ठीक इसी तरह मेरी माँ भी हैं।
वो खुद कष्ट में रह लेंगी लेकिन मुझे कष्टों से दूर रखती है। शायद ही कोई इस बात की व्याख्या कर सकता है कि आखिर माँ के अंदर ऐसी कौन सी शक्ति विराजमान है जो उन्हें इतनी ताकत देती है कि वह बच्चों के खातिर हर कष्ट सह सकें।
हर माँ ऐसी होती है। एक स्त्री के कई रूप होते है, कई अलग अलग किरदारों में वह रिश्ते निभाती है, लेकिन कहते हैं कि एक स्त्री सबसे ज्यादा खुश तब होती है जब वह एक माँ के रूप में होती है।
Every mother is like this. A woman has many forms, the relationships she plays in many different roles, but it is said that a woman is happiest when she is in the form of a mother.
Your own Dr. Manoj Bhai
Rathore
Director & Speaker
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